- उज्जैन में त्योहारों से पहले पुलिस का फ्लैग मार्च, टावर चौक से नीलगंगा तक निकला मार्च; होली, रंगपंचमी और रमजान के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
- महाकाल में तड़के भस्म आरती, स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट: पंचामृत अभिषेक, रजत मुकुट-त्रिपुण्ड से दिव्य श्रृंगार; “जय श्री महाकाल” के जयघोष से गूंजा मंदिर
- उज्जैन में मंदिर क्षेत्र के पास युवक से मारपीट: युवती के साथ होटल जा रहा था, बजरंग दल ने रोका; मोबाइल में अश्लील फोटो-वीडियो होने का आरोप, पुलिस ने जब्त किया फोन
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती, स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट: रजत मुकुट, त्रिपुण्ड और पुष्पमालाओं से सजे बाबा, “जय श्री महाकाल” से गूंजा परिसर
- एमपी बजट 2026-27: सिंहस्थ के लिए 13,851 करोड़ का प्रस्ताव, उज्जैन में 3,060 करोड़ के नए विकास कार्य; 4.38 लाख करोड़ के कुल बजट में सिंहस्थ और इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष फोकस
महाकाल दर्शन के लिए अब नया नियम, जारी हुई नई गाइड लाइन
उज्जैन। महाकाल मंदिर में मंगलवार से प्रोटोकॉल के लिए नई गाइड लाइन का खेल शुरू हो गया। सोमवार को देर शाम कलेक्टर आशीष सिंह ने इसके आदेश जारी करते हुए तत्काल प्रभाव से लागू करने की बात कही। आदेश के तहत जिला सत्कार अधिकारी से एक दिन पहले प्रोटोकॉल से दर्शन की परमिशन लेना अनिवार्य होगी। इसमें आने वाले वीआईपी प्रोटोकॉल वालों को मंदिर कर्मचारी कैसे रोकें और उनसे परमिशन बनवाने को कहें, इसे लेकर काफी असमंजस की स्थिति बनी रही।
बता दें कि महाकाल मंदिर में सोमवार को प्रोटोकॉल से दर्शन के लिए नई गाइड लाइन जारी कर दी गई है। यही नहीं यह तत्काल प्रभाव से लागू भी कर दी गई है। देर शाम जारी हुए इस आदेश के तहत मंदिर में प्रोटोकॉल से आने वालों को अब एक दिन पहले ही दर्शन की अनुमति लेना जरूरी कर दी गई है।
सत्कार अधिकारी देंगे अनुमति
प्रोटोकॉल के तहत श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए जिला सत्कार अधिकारी को एक दिन पूर्व सूचना देने के निर्देश जारी हुए हैं। नई व्यवस्था के तहत विभाग अपने यहां प्रोटोकॉल दर्शन के लिए आने वाले आगंतुकों की जानकारी निर्धारित प्रपत्र में आवश्यक दस्तावेज दर्शन की तिथि से एक दिन पूर्व जिला सत्कार अधिकारी को प्रस्तुत करेंगे। जिला सत्कार अधिकारी दस्तावेजों का परीक्षण कर एवं पात्रता का परीक्षण कर सूची महाकालेश्वर मंदिर के प्रोटोकॉल शाखा भेजेंगे। तदनुसार ही प्रोटोकाल दर्शन हो सकेंगे।

व्यवस्था पर प्रतिक्रिया
इस तरह मंदिर में नित नए प्रयोग करके उसकी गरिमा को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। मंदिर को प्रयोगशाला बनाया जा रहा है। जिस तरह से आदेश जारी किए जा रहे हैं, उन्हें धरातल पर पालन कराना तर्कसंगत नहीं हैं। कलेक्टर को एक बार पुन: आदेश पर विचार करना चाहिए। – विवेक गुप्ता, प्रवक्ता कांग्रेस
कलेक्टर साहब ने जो आदेश जारी किया है, वह कुछ सोचकर ही किया होगा। अभी मैंने इस संबंध में उनसे कोई चर्चा नहीं की है, उनके इस आदेश के पीछे क्या अभिप्राय है, यह जान लूं, उसके बाद ही कुछ कह पाऊंगा। – पारस जैन, विधायक उज्जैन उत्तर